रविवार, 10 मई 2020

न ही मंगनी की बात की है,
न ही बारात की बात की है...


फिर भी मैं तुम्हें अपना मान चुका हूँ,
न ही मांग में सिंदूर भरने की बात की है...

न ही सात फेरों लेने बात की है,
फिर भी मैं तुम्हें अपना मान चुका हूँ....