शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

ओशीनम (Oshinam)

आंतरिक शांति और दिव्य यात्रा का पवित्र द्वार

ॐ शांति... ओशो के 108 ध्यान सूत्र और अनापानसति योग के साथ आत्म-साक्षात्कार की ओर... ॐ शांति...

ओशीनम में आपका स्वागत है, जहाँ आध्यात्मिकता और आधुनिक जीवन का मेल होता है। यहाँ हम ओशो द्वारा निर्देशित अनापानसति योग और तंत्र की 108 ध्यान विधियों के माध्यम से मन की शांति की खोज करते हैं।

अनापानसति: श्वास का विज्ञान

ओशो के अनुसार, श्वास ही वह सेतु है जो शरीर को आत्मा से जोड़ता है।

  • सजगता: आती-जाती श्वास को केवल देखें।
  • विराम: श्वास के भीतर और बाहर जाने के बीच के उस शून्य क्षण को अनुभव करें।

108 सूत्रों का सार

विज्ञान भैरव तंत्र के इन सूत्रों को ओशीनम के माध्यम से जीवन में उतारें:

  1. ज्योति ध्यान: आरती की लौ में दिव्य प्रकाश का अनुभव।
  2. ध्वनि ध्यान: मंत्रों के बाद आने वाले सन्नाटे को सुनना।
  3. समर्पण: पूजा और अनुष्ठान में स्वयं को पूरी तरह विलीन कर देना।
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