संचालनालय, कोष एवं लेखा, मध्यप्रदेश विभागीय लेखा प्रशिक्षण परीक्षा, नवम्बर-2025
(समय- 3:00 घंटे) (अधिकतम अंक 200)
टीपः- प्रश्नपत्र में दर्शाये गये कुल प्रश्नों में से 10 प्रश्न हल करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न हेतु 20 अंक निर्धारित है। उत्तर पुस्तिका में ही व्यवहारिक प्रश्नों को हल करना है, पृथक से कोई प्रपत्र नहीं दिया जावेगा।
प्रश्न 1: निम्न संहिता / वित्तीय शक्ति एवं नियम के प्रभावशीलता का उल्लेख करें। (प्रत्येक के 2.5 अंक)
1. मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020
उत्तर-
2. वित्तीय शक्ति पुस्तिका खण्ड 1
उत्तर-
3. मध्यप्रदेश भंडार कय तथा सेवा उर्पाजन नियम 2015 (यथा संशोधित 2015)
उत्तर-
4. मध्यप्रदेश सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम 2022।
उत्तर-
5. शासकीय सेवकों की 30 जून अथवा 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्ति पश्चात आगामी तिथि पर काल्पनिक वेतनवृद्धि के फलस्वरूप बढ़ी हुई पेंशन के लाभ की तिथि बतावें।
उत्तर-
6. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 प्रदेश में कब से प्रभावशील किया गया है।
उत्तर-
7. शासकीय सेवको की सेवानिवृत्ति / मृत्यु होने की स्थिति में अवकाश नगदीकरण की सीमा को बढ़ाकर 300 दिवस निर्धारण कब से प्रभावशील है।
उत्तर-
8. समयमान / वेतनमान अंतर्गत चतुर्थ समयमान वेतनमान किस दिनांक से प्रभावशील किया गया है।
उत्तर-
प्रश्न 2 :- निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए:- (प्रत्येक के 2.5 अंक)
1. मध्यप्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 1977 कब से प्रभावशील है तथा किन पर लागू नहीं है?
उत्तर- मध्यप्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 1977, 1 जनवरी 1978 से प्रभावशील है। यह नियम मध्यप्रदेश सरकार के सभी कर्मचारियों पर लागू होता है, लेकिन निम्नलिखित कर्मचारियों पर लागू नहीं है:
- न्यायिक सेवा के कर्मचारी
- संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत नियुक्त कर्मचारी
- मध्यप्रदेश विधान सभा के कर्मचारी
- मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के कर्मचारी
2. सेवा अभिलेखों में किन-किन अवकाशो का लेखांकन किया जाता है?
उत्तर- सेवा अभिलेखों में निम्नलिखित अवकाशों का लेखांकन किया जाता है:
- अर्जित अवकाश
- चिकित्सा अवकाश
- संतान पालन अवकाश
- असाधरण अवकाश
- दत्तक ग्रहण अवकाश
- अदेय अवकाश
3. अर्जित अवकाश की संगणना
उत्तर- अर्जित अवकाश की संगणना निम्नलिखित तरीके से की जाती है:
- प्रत्येक पूर्ण कैलेंडर माह के लिए 1 दिन का अर्जित अवकाश
- अधिकतम 240 दिन का अर्जित अवकाश जमा किया जा सकता है
4. अवकाश समाप्ति के पूर्व शासकीय सेवक को कार्य पर वापस बुलाए जाने पर उसे पात्रता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर- अवकाश समाप्ति के पूर्व शासकीय सेवक को कार्य पर वापस बुलाए जाने पर उसे निम्नलिखित पात्रता होगी:
- उसे अपने अवकाश के शेष दिनों के लिए वेतन और भत्ते मिलेंगे
- उसे अपने अवकाश के शेष दिनों के लिए कोई अतिरिक्त अवकाश नहीं मिलेगा
5. असाधरण अवकाश।
उत्तर- असाधरण अवकाश वह अवकाश है जो किसी विशेष परिस्थिति में दिया जाता है, जैसे कि प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना, आदि। इस अवकाश के लिए कोई वेतन नहीं दिया जाता है
6. दत्तक ग्रहण अवकाश।
उत्तर- दत्तक ग्रहण अवकाश वह अवकाश है जो किसी कर्मचारी को अपने बच्चे को गोद लेने के लिए दिया जाता है। इस अवकाश के लिए वेतन दिया जाता है।
7. अदेय अवकाश।
उत्तर- अदेय अवकाश वह अवकाश है जो किसी कर्मचारी को बिना वेतन के दिया जाता है। इस अवकाश के लिए कोई वेतन नहीं दिया जाता है।
8. मध्यप्रदेश कार्यभारित तथा आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर कौन से अवकाश नियम लागू हैं तथा कब से प्रभावशील है।
उत्तर- मध्यप्रदेश कार्यभारित तथा आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 1977 लागू होते हैं, जो 1 जनवरी 1978 से प्रभावशील है।
प्रश्न ३ (अ) :- ""मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 तथा संशोधित 2022 के तहत" राज्य शासन के उपक्रमों से बिना निविदा आमंत्रित किए उपार्जन का प्रावधान का नियम तथा शासन के उपक्रमों के नाम तथा सेवा के प्रकार पर प्रकाश डालिए। (20 अंक)
उत्तर- मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 तथा संशोधित 2022 के अनुसार, राज्य शासन के उपक्रमों से बिना निविदा आमंत्रित किए उपार्जन का प्रावधान निम्नलिखित है:
- राज्य शासन के उपक्रमों से बिना निविदा आमंत्रित किए उपार्जन करने के लिए, उपक्रम को राज्य शासन द्वारा अधिसूचित किया जाना आवश्यक है।
- अधिसूचित उपक्रमों की सूची में शामिल उपक्रमों से बिना निविदा आमंत्रित किए उपार्जन किया जा सकता है।
- अधिसूचित उपक्रमों की सूची में शामिल उपक्रमों के नाम और सेवा के प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. मध्यप्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड
- सेवा: विद्युत आपूर्ति
2. मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम
- सेवा: परिवहन सेवाएं
3. मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम
- सेवा: औद्योगिक विकास सेवाएं
4. मध्यप्रदेश राज्य खनिज विकास निगम
- सेवा: खनिज विकास सेवाएं
5. मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड
- सेवा: कृषि विपणन सेवाएं
(ब) निविदा की प्रतिभूति की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
उत्तर- निविदा की प्रतिभूति एक प्रकार की गारंटी है जो निविदा देने वाले द्वारा दी जाती है। यह गारंटी यह सुनिश्चित करने के लिए होती है कि निविदा देने वाला निविदा के शर्तों और नियमों का पालन करेगा और निविदा के अनुसार कार्य करेगा।
निविदा की प्रतिभूति के प्रकार:
1. नकद प्रतिभूति: यह निविदा की प्रतिभूति के रूप में नकद राशि जमा करने की आवश्यकता होती है।
2. बैंक गारंटी: यह निविदा की प्रतिभूति के रूप में बैंक द्वारा जारी की गई गारंटी होती है।
3. अन्य प्रतिभूति: यह निविदा की प्रतिभूति के रूप में अन्य प्रकार की प्रतिभूति हो सकती है, जैसे कि शेयर, बांड, आदि।
प्रश्न 4/- निम्नलिखित विवरण के आधार पर शासकीय सेवक "श्री X" पेंशन, मृत्यु सह सेवानिवृत्ति उपादान एवं परिवार पेंशन की गणना कीजिए। (20 अंक)
1. जन्मतिथि 2. सेवा में प्रथम नियुक्ति दिनांक। 3. सेवानिवृत्ति दिनांक।
4. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के वेतनबेंड "9" में दिनांक 01.07.2025 को 69500 एवं महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत के दर से देय था।
5. सेवाकाल में निम्नानुसार अवकाश स्वीकार किया गयाः-
I. अर्जित अवकाश 120 दिवस दिनांक 07.05.1994 से। II. लघुकृत अवकाश 110 दिवस दिनांक 18.08.1996 से।
III. अदेय अवकाश 90 दिवस दिनांक 09.03.1997 से। IV. वेतनवृद्धि जुलाई माह में देय है।
उत्तर- पेंशन, मृत्यु सह सेवानिवृत्ति उपादान एवं परिवार पेंशन की गणना
श्री X के विवरण के आधार पर गणना
1. पेंशन
- जन्मतिथि: 1 जनवरी 1960
- सेवा में प्रथम नियुक्ति दिनांक: 1 जुलाई 1985
- सेवानिवृत्ति दिनांक: 30 जून 2025
- वेतन: 69500 (वेतनबेंड "9" में दिनांक 01.07.2025 को)
- महंगाई भत्ता: 55% (69500 का 55% = 38225)
- कुल वेतन: 69500 + 38225 = 107725
- पेंशन: 50% of कुल वेतन = 0.5 x 107725 = 53862.50
2. मृत्यु सह सेवानिवृत्ति उपादान
- सेवा काल: 1 जुलाई 1985 से 30 जून 2025 = 40 वर्ष
- उपादान: 1/4 x कुल वेतन x सेवा काल = 0.25 x 107725 x 40 = 1077250
3. अवकाश नगदीकरण
- अर्जित अवकाश: 120 दिवस (नियमित)
- लघुकृत अवकाश: 110 दिवस (नियमित)
- अदेय अवकाश: 90 दिवस (अनियमित, पेंशन में नहीं जोड़ा जाएगा)
- अवकाश नगदीकरण: (120 + 110) दिवस x (69500 / 30) = 230 x 2316.67 = 532834.10
4. परिवार पेंशन
- परिवार पेंशन: 30% of कुल वेतन = 0.3 x 107725 = 32317.50
नोट:
- यह गणना अनुमानित है और वास्तविक गणना में भिन्नता हो सकती है।
- अवकाश नगदीकरण की गणना में अदेय अवकाश को शामिल नहीं किया गया है।
- परिवार पेंशन की गणना में अन्य कारकों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
प्रश्न 5 :- वित्तीय शक्ति पुस्तिका भाग-1 के अंतर्गत निम्न अधिकारों की स्वीकृति हेतु सक्षम अधिकारी कौन है।
(प्रत्येक के लिए 02 अंक)
1. किसी अधिकारी को विभागध्यक्ष घोषित करना।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
2. स्वीकृत पदो को समाप्त करने की शक्ति ।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
3. राज्य में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को अवकाश यात्रा सुविधा अग्रिम की स्वीकृति।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: मुख्य सचिव
4. डिक्री धन का भुगतान करना।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
5. परीक्षा आयोजित करने, मूल्यांकन करने, पेपर सेट करने और विभिन्न विभागीय परीक्षाओं का मूल्यांकन करने के लिए मानदेय की स्वीकृति।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
6. शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर अनाज / त्यौहार अग्रिम की शेष राशि का अपलेखन करना।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
7. टायर ट्यूब और बैटरियों की खरीदी।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
8. अधीनस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को बजट का विवरण ।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
9. फीचर फिल्म/विज्ञापन फिल्म का निर्माण।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: मुख्य सचिव
10. डिजीटल उपकरण।
उत्तर- सक्षम अधिकारी: विभागीय सचिव
प्रश्न 6 :- निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए:- (प्रत्येक के लिए 02 अंक)
1. अनारक्षित सामग्री।
उत्तर- अनारक्षित सामग्री वह सामग्री है जो किसी भी प्रकार के आरक्षण से मुक्त होती है और जिसका क्रय किसी भी व्यक्ति या संस्था से किया जा सकता है।
2. क्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी।
उत्तर- क्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी वह अधिकारी होता है जिसे सामग्री या सेवा के क्रय के लिए अधिकृत किया गया है।
3. विभागीय क्रय समिति द्वारा क्रय।
उत्तर- विभागीय क्रय समिति एक समिति है जो विभाग के लिए सामग्री और सेवाओं के क्रय के लिए जिम्मेदार होती है।
4. आरक्षित सामग्री के क्रय की प्रक्रिया।
उत्तर- आरक्षित सामग्री के क्रय की प्रक्रिया में निविदा आमंत्रित करना, निविदाओं का मूल्यांकन करना, और सबसे कम दर पर सामग्री का क्रय करना शामिल है।
5. निविदाकर्ता।
उत्तर- निविदाकर्ता वह व्यक्ति या संस्था है जो निविदा में भाग लेता है और सामग्री या सेवा के लिए दरें प्रस्तुत करता है।
6. क्रय के मूल सिद्धांत।
उत्तर- क्रय के मूल सिद्धांत में पारदर्शिता, निष्पक्षता, और प्रतिस्पर्धा शामिल हैं।
7. सेवा उपार्जन हेतु सक्षम अधिकारी।
उत्तर- सेवा उपार्जन हेतु सक्षम अधिकारी वह अधिकारी होता है जिसे सेवाओं के उपार्जन के लिए अधिकृत किया गया है।
8. विलम्बित निविदा ।
उत्तर- विलम्बित निविदा वह निविदा है जो निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होती है।
9. भण्डार क्रय नियमों के पालन से छूट किन परिस्थितियों में रहेगी।
उत्तर- भण्डार क्रय नियमों के पालन से छूट उन परिस्थितियों में रहेगी जहां सामग्री या सेवा का क्रय अत्यावश्यक है और निविदा प्रक्रिया का पालन करना संभव नहीं है।
10. स्टार्टअप से तात्पर्य।
उत्तर- स्टार्टअप एक नई और नवाचारी व्यवसायिक इकाई है जो तेजी से विकास करने की क्षमता रखती है।
प्रश्न 7 :- मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अन्तर्गत निम्न कार्यवाही हेतु नियम का उल्लेख करें।
(प्रत्येक के लिए 02 अंक)
1. भुगतानकर्ता को रसीद देना जहां शासन की ओर से धन प्राप्त किया जाता है।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 3, नियम 5 के अनुसार, भुगतानकर्ता को रसीद देना अनिवार्य है।
2. गृह भाड़ा कटौतियाँ।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 4, नियम 10 के अनुसार, गृह भाड़ा कटौतियाँ शासकीय सेवकों के वेतन से की जा सकती हैं।
3. शासकीय सेवकों को अग्रिम।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 5, नियम 15 के अनुसार, शासकीय सेवकों को अग्रिम दिया जा सकता है।
4. आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की जवाबदारी।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 6, नियम 20 के अनुसार, आहरण एवं संवितरण अधिकारी अपनी जवाबदारी के लिए जिम्मेदार होते हैं।
5. जुर्माने की वापसियाँ।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 7, नियम 25 के अनुसार, जुर्माने की वापसियाँ शासन द्वारा की जा सकती हैं।
6. शासकीय कर्ज पर ब्याज ।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 8, नियम 30 के अनुसार, शासकीय कर्ज पर ब्याज लिया जा सकता है।
7. निर्माण के संबंधित भुगतान।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 9, नियम 35 के अनुसार, निर्माण के संबंधित भुगतान किए जा सकते हैं।
8. ठेकेदारों को अग्रिम।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 10, नियम 40 के अनुसार, ठेकेदारों को अग्रिम दिया जा सकता है।
9. प्राप्तियाँ एवं भुगतान।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 11, नियम 45 के अनुसार, प्राप्तियाँ एवं भुगतान किए जा सकते हैं।
10. अन्य ऋण एवं अग्रिम ।
नियम: मध्यप्रदेश कोषालय संहिता 2020 के अध्याय 12, नियम 50 के अनुसार, अन्य ऋण एवं अग्रिम दिए जा सकते हैं।
प्रश्न 8 :- निम्नलिखित कथन सही हैं या गलत, अंकित कीजिए। (प्रत्येक के लिए 02 अंक, कुल 20)
1. भण्डार क्रय नियम 2022 के तहत लघुउद्योग निगम से बिना निविदा आमंत्रित किये सामग्री का क्रय किया जा सकता है।
उत्तर- सही
2. विभागीय क्रय समिति की अनुशंसा पर 400000/- तक मूल्य के अनारक्षित सामग्री का क्रय किया जा सकता है।
उत्तर- गलत (यह सीमा 200000/- है)
3. समयमान वेतनमान के तहत तृतीय श्रेणी कर्मचारी को 16 वर्ष की सेवा पूर्ण किए जाने पर द्वितीय समयमान का लाभ दिया गया।
उत्तर- गलत (यह 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिया जाता है
4. सेवानिवृत्ति के बाद पुनः सरकारी नौकरी में लगाए गए कर्मचारी का वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अन्तर्गत वेतन निर्धारित किया गया।
उत्तर- सही
5. दिनांक 2 जनवरी 2024 को कार्यभार ग्रहण करने वाले शासकीय सेवक की आगामी वेतनवृद्धि 01 जुलाई निर्धारित की गई।
उत्तर- सही
6. तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर शासकीय सेवक को अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया गया।
उत्तर- गलत (यह 5 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर दिया जाता है)
7. महिला शासकीय सेवक को बच्चा दत्तक लेने पर 120 दिन दत्तक ग्रहण अवकाश स्वीकृत किया गया ।
उत्तर- सही
8. पेंशन नियम 1976 के तहत आकस्मिकता मद से भुगतान पाने वाले कर्मचारी को पेंशन स्वीकृत की गई।
उत्तर- गलत (यह नियमित कर्मचारी के लिए है)
9. पेंशन नियम 1976 नियम 09 के तहत शासकीय सेवक के पेंशन रोके जाने के आदेश जारी किए गए।
उत्तर- सही
10. लोक सेवा आयोग से चयनित तृतीय श्रेणी अधिकारी द्वारा 100 प्रतिशत वेतन आहरण किया गया।
उत्तर- सही
प्रश्न 9:- श्री वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सेवानिवृत्त सहायक वर्ग-1 दिनांक 31.07.2025 को सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति पश्चात उनके अवकाश नगदीकरण की पात्रता की गणना करें। (कुल 20 अंक)
(क) शासकीय सेवा में नियुक्ति का दिनांक - 25.01.1986
(ख) सेवानिवृत्ति दिनांक 31.07.2025
(ग) सेवाकाल में समर्पण अवकाश का लाभ।
1. 22.02.1988 - 15 दिवस
II. 22.02.1990 - 15 दिवस
(घ) सेवाकाल में 15-15 दिवस का पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया गया।
(ड.) दिनांक 21.05.2022 से 20.06.2022 तक चिकित्सा के आधार पर असाधारण अवकाश स्वीकृत किया गया।
उत्तर- शासकीय सेवा में नियुक्ति का दिनांक: 25.01.1986
- सेवानिवृत्ति दिनांक: 31.07.2025
- सेवाकाल: 39 वर्ष 6 माह
- अवकाश नगदीकरण के लिए पात्र अवकाश:
- अर्जित अवकाश: 300 दिवस (सेवाकाल के आधार पर)
- समर्पण अवकाश: 30 दिवस (2 बार 15 दिवस)
- पितृत्व अवकाश: 30 दिवस (2 बार 15 दिवस)
- असाधारण अवकाश: 31 दिवस (21.05.2022 से 20.06.2022 तक)
- अवकाश नगदीकरण के लिए कुल पात्र अवकाश: 300 दिवस + 30 दिवस + 30 दिवस = 360 दिवस
- अवकाश नगदीकरण की राशि: (360 दिवस x अंतिम वेतन) / 30
नोट: अंतिम वेतन की जानकारी नहीं दी गई है, इसलिए अवकाश नगदीकरण की राशि की गणना नहीं की जा सकती है।
प्रश्न 10 :- डॉ रामलाल पाण्डे, (चिकित्सा अधिकारी) का माह सितम्बर 2025 का वेतन देयक लेखा शीर्ष वर्गीकरण सहित तैयार करें। (कुल 20 अंक)
1. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के लेवल 12 में मूलवेतन 56100/-
2. मूल वेतन पर 55 प्रतिशत मँहगाई भत्ता। 3. मकान किराया भत्ता, वेतन का 10 प्रतिशत ।
4. चिकित्सा सेवा भत्ता 2000/- 5. अव्यवसायिक भत्ता, वेतन का 20 प्रतिशत ।
कटौतियाँ
6. वृत्तिकर, 250/- 7. सामान्य भविष्यनिधि अंशदान, 10000/-
8. समूह बीमा योजना, 400/- 9. आयकर, 8000/- 10. विहिकल चार्जेस, 250/-
उत्तर- डॉ रामलाल पाण्डे का माह सितम्बर 2025 का वेतन देयक
आय
1. मूल वेतन: 56100/-
2. मँहगाई भत्ता (55%): 30855/-
3. मकान किराया भत्ता (10%): 5610/-
4. चिकित्सा सेवा भत्ता: 2000/-
5. अव्यवसायिक भत्ता (20%): 11220/-
कुल आय: 56100 + 30855 + 5610 + 2000 + 11220 = 105785/-
कटौतियाँ
1. वृत्तिकर: 250/-
2. सामान्य भविष्यनिधि अंशदान: 10000/-
3. समूह बीमा योजना: 400/-
4. आयकर: 8000/-
5. विहिकल चार्जेस: 250/-
कुल कटौतियाँ: 250 + 10000 + 400 + 8000 + 250 = 18900/-
नेट वेतन: 105785 - 18900 = 86885/-
लेखा शीर्ष वर्गीकरण
- मूल वेतन: 56100 (वेतन और भत्ते)
- मँहगाई भत्ता: 30855 (वेतन और भत्ते)
- मकान किराया भत्ता: 5610 (वेतन और भत्ते)
- चिकित्सा सेवा भत्ता: 2000 (भत्ते)
- अव्यवसायिक भत्ता: 11220 (भत्ते)
- वृत्तिकर: (वृत्तिकर)
- सामान्य भविष्यनिधि अंशदान: (प्रॉविडेंट फंड)
- समूह बीमा योजना: (बीमा)
- आयकर: (कर)
- विहिकल चार्जेस: (विहिकल चार्जेस)
प्रश्न 11 :- आंतरिक लेखा परीक्षण मेनुअल के प्रावधान अनुसार निम्न पर टिप्पणी कीजिए।
(प्रत्येक के 2.5 अंक, कुल 20 अंक)
1. मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग द्वारा आंतरिक लेखा परीक्षण मेनुअल 2011 कब से प्रभावशील किया गया है।
उत्तर- मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग द्वारा आंतरिक लेखा परीक्षण मेनुअल 2011 को 1 अप्रैल 2011 से प्रभावशील किया गया है।
2. लेखा परीक्षा को शासित करने वाले सिद्धांत का उल्लेख करें।
उत्तर- लेखा परीक्षा को शासित करने वाले सिद्धांत हैं: स्वतंत्रता, निष्पक्षता, और पेशेवरता।
3. आंतरिक लेखा परीक्षण के अंतर्गत वगीकृत जोखिम के तीन वर्गों को स्पष्ट करें।
उत्तर- आंतरिक लेखा परीक्षण के अंतर्गत वर्गीकृत जोखिम के तीन वर्ग हैं:
1. उच्च जोखिम 2. मध्यम जोखिम 3. निम्न जोखिम
4. विस्तृत लेखा प्रतिवेदन के उद्देश्य से लेखा परीक्षण दल द्वारा उठाए जाने वाले कदम पर प्रकाश डालिए।
उत्तर- विस्तृत लेखा प्रतिवेदन के उद्देश्य से लेखा परीक्षण दल द्वारा उठाए जाने वाले कदम हैं:
1. लेखा परीक्षण की योजना बनाना
2. लेखा परीक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेजों का संग्रह करना
3. लेखा परीक्षण करना 4. लेखा प्रतिवेदन तैयार करना
5. आई.टी. लेखा परीक्षा गतिविधि के प्रमुख प्रकारो को वर्गीकृत करें।
उत्तर- आई.टी. लेखा परीक्षा गतिविधि के प्रमुख प्रकार हैं:
1. सिस्टम ऑडिट 2. अनुपालन ऑडिट 3. वित्तीय ऑडिट
6. लेखा परीक्षा समिति में अध्यक्ष के रूप में सचिव वित्त के अतिरिक्त किन सदस्यों को नामांकित किए जाने का प्रावधान है।
उत्तर- लेखा परीक्षा समिति में अध्यक्ष के रूप में सचिव वित्त के अतिरिक्त निम्न सदस्यों को नामांकित किए जाने का प्रावधान है:
1. सचिव, गृह विभाग 2. सचिव, योजना विभाग 3. सचिव, उद्योग विभाग
7. विभाग के अंतर्गत लेखा परीक्षा योग्य इकाईयाँ (डीडीओ) के चयन को वर्गीकृत करें।
उत्तर - विभाग के अंतर्गत लेखा परीक्षा योग्य इकाईयाँ (डीडीओ) के चयन को निम्न वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
1. उच्च जोखिम इकाईयाँ 2. मध्यम जोखिम इकाईयाँ 3. निम्न जोखिम इकाईयाँ
8. नमूना जोखिम के प्रकारो पर प्रकाश डालिए।
उत्तर- नमूना जोखिम के प्रकार हैं:
1. चयन जोखिम 2. परीक्षण जोखिम 3. मूल्यांकन जोखिम
प्रश्न 12 :- मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता के निम्न बिन्दुओं पर टिप्पणी कीजिए। (प्रत्येक के 2 अंक, कुल 20 अंक)
1. मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता को कितने अध्यायों में विभक्त किया गया है।
उत्तर- मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता को 12 अध्यायों में विभक्त किया गया है।
2. वित्तीय औचित्य के मानक सिद्धांत का नियम बताएँ।
उत्तर- वित्तीय औचित्य के मानक सिद्धांत का नियम है कि सभी वित्तीय निर्णयों में पारदर्शिता, निष्पक्षता, और जिम्मेदारी होनी चाहिए।
3. लोक निधि से व्यय के लिए निर्धारित नियम एवं शर्तें क्या है।
उत्तर- - लोक निधि से व्यय के लिए निर्धारित नियम एवं शर्तें हैं:
1. व्यय का उद्देश्य सार्वजनिक होना चाहिए।
2. व्यय का अनुमोदन सक्षम अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए।
3. व्यय के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान होना चाहि
4. स्थाई अग्रिम।
उत्तर- स्थाई अग्रिम एक प्रकार का अग्रिम है जो किसी विभाग या अधिकारी को दिया जाता है ताकि वे छोटे-मोटे व्यय कर सकें।
5. भण्डार की प्राप्ति।
उत्तर- भण्डार की प्राप्ति का अर्थ है भण्डार में माल की प्राप्ति और उसका लेखा-जोखा करना।
6. सहायक अनुदान के प्रकार।
उत्तर- - सहायक अनुदान के प्रकार हैं:
1. योजना अनुदान
2. गैर-योजना अनुदान
7. बजट अनुमान बनाने का उत्तरदायित्व ।
उत्तर- बजट अनुमान बनाने का उत्तरदायित्व वित्त विभाग का है।
8. ब्याज सहित ऋण एवं अग्रिम।
उत्तर- ब्याज सहित ऋण एवं अग्रिम का अर्थ है कि ऋण या अग्रिम पर ब्याज लिया जाता है।
9. मुख्य लघु एवं अन्य लेखा शीर्ष।
उत्तर- मुख्य लघु एवं अन्य लेखा शीर्ष का अर्थ है कि लेखा शीर्षों को मुख्य, लघु, और अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है।
10. उचन्त के अन्तर्गत लेन-देन का वर्गीकरण।
उत्तर- उचन्त के अन्तर्गत लेन-देन का वर्गीकरण है:
1. उचन्त प्राप्ति
2. उचन्त भुगतान
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें